कवितायें जो मैं लिखता हूँ / मेरे जीवन की हैं कहानी / जो देखा-सुना इस संसार में / तस्वीरें कुछ नई, कुछ पुरानी // आएँ पढ़ें मेरी जीवन गाथा / जिसमें मैं और मेरा प्यार / आत्म-शांति अनुभूति की बातें / बेताब पाने को आपका दुलार...//
सोमवार, 30 सितंबर 2013
शनिवार, 21 सितंबर 2013
তুমাৰ নাম / तुम्हारा नाम
কী কৰুঁ, কত জাউ, পথ মুকে না বুজায়
ঘন বন, ভোৰিত কাঁইট, কেঁকণি উলায়
প্ৰকাশবিহীন কলা ৰাতি, মন ভয় পায়
এই সময় তুমাৰ নাম মুখত উলাই পায় |
(c) হেমন্ত কুমাৰ দুবে
-------------------------------- हिंदी अनुवाद------------
क्या करूँ, कहाँ जाऊं, सूझती नहीं है राह
गहन वन, पैरों में कांटे, निकलती है आह
काली अँधेरी रात, मन मेरा डर जाए
ऐसे समय तुम्हारा नाम मुख से निकल जाए |
(c) हेमंत कुमार दुबे
शुक्रवार, 20 सितंबर 2013
मंगलवार, 10 सितंबर 2013
तीन क्षणिकाएँ
मैं उनके नाम की माला जपता
रहा
उन्होंने घर को ही आग लगा
दी
परमात्मा में जब आत्मा मिल
गयी
उन्होंने मेरी राख यमुना
में बहा दी |
*************************
चींटे को बार बार दूर करता हूँ
फिर भी वह मेरे पास आता है
बेवफा इंसानों से तो अच्छा है
उससे शायद कोई पुराना नाता है |
*************************
तुम
एक कलमा ही पढ़ दो
मेरी
मजार पर फूल रखकर
जन्नत
मिल जायेगी मुझको
या
जी उठेगी रूह सुनकर |
(c) हेमंत कुमार दूबे
बुधवार, 4 सितंबर 2013
अद्वैत भावना
अबतक जो देखा सुना था
नाम रूप से बंधा हुआ था
मिलकर पंचतत्वों से सबकुछ
काया माया सब गुंथा हुआ था
संग किया जब सत् का मैंने
मेरी तेरी की सब मिटी भावना
यारी सारी मोहन से हो गई
है एक ही ईश्वर बनी दृढ धारणा
वह यह का भेद दूर हुआ
मुझको मिली हरि रस की प्याली
प्राण हुआ ईश्वर में प्रतिष्ठित
प्यारी है ज्ञान-ज्योत निराली उजियाली |
(c) हेमंत कुमार दूबे
शनिवार, 31 अगस्त 2013
The divine knowledge
It doesn't matter who loves or who hates
Guruji has opened divine knowledge's gate
In lovers and haters see no difference
Because from God everything comes
He is the creator and the destroyer
The hungry and the hunger too
The bread, its provider and the eater
And He is wish, the wisher and its filler too.
(c) Hemant Kumar
Dubey
The beautiful goal
The valley of wild flower is enchanting
And the surrounding forests are deep
There are promises that I have to
keep
The climb the hills however they be
steep
I have rested a while
I have charted a new way
A way to help people
And be happy and gay
Help the people reach the top
Help the needy without stop
To seek the Supreme is my goal
I am one with Him, no separate soul
Beloved, you are my integral part
The journey together we have to
start
Hand in hand we have to walk and run
Life will be enjoyment and fun.
© Hemant Kumar Dubey
सोमवार, 26 अगस्त 2013
उसकी आदत
तिरछी नजर से जो उसने मुझे देखा
मैं सुध-बुध भूला बैठा
पलकें झुकाकर जब वो मुस्कुराई
मैं सारा जीवन लुटा बैठा
एक पल की खुशी की खातिर
हाय, मैंने यह क्या किया
मेरे चाहने वाले तो और भी थे
सबको दर्द दिया, रुसवा किया
मैं मिट गया उसके लिए
चेहरे पर उसके शिकन नहीं है
बड़ी देर से समझ आया
छलना ही उसकी आदत है |
(c) हेमंत कुमार दूबे
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