> काव्य-धारा (Poetry Stream): जीवन, प्यार और आत्मा-झलक : रंगोत्सव की शुभकामनाएं

बुधवार, 4 मार्च 2026

रंगोत्सव की शुभकामनाएं

रंगोत्सव की शुभकामनाएं

रंगोत्सव की शुभकामनाएं


बरसाने में राधिका, खेले रंग अपार।
श्याम संग होली रचें, प्रेम सुधा रसधार॥
गोप संग श्याम खेले, बरसे प्रेम अपार।
होली बनि रसधारा, जग में फैले प्यार॥
रंग गुलाल उड़त गगन, हँसी गूँजे द्वार।
होली आई संग लिए, सुख-समृद्धि अपार॥
रंग मिलें जब संग में, मिटे मन का भेद।
होली लाए एकता, प्रेम बढ़े, मिटे खेद॥
तन रंगे मन रंगे, रंगे 'अव्यक्त' आत्मा साथ।
होली उत्सव बने, जीवन का परिपाठ॥
राम नाम रंग में रँगो, मिटे सभी संताप।
होली हो मंगलमय, नष्ट सभी परिताप॥
रंगोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं 🫟
सादर🌹🌹🙏

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें