मन को बहलाता रहता हूँ
कोई तो शब्द पहुंचेंगा
कभी तो जवाब मिलेगा
कोई तो रास्ता निकलेगा
कभी तो मुरझाया फूल खिलेगा
आशा की जीत होगी
दोनों तरफ शांति होगी
'अव्यक्त' बात व्यक्त होगी
प्रीत परिपक्व होगी।
© हेमंत कुमार दुबे 'अव्यक्त'
13.11.2014
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कवितायें जो मैं लिखता हूँ / मेरे जीवन की हैं कहानी / जो देखा-सुना इस संसार में / तस्वीरें कुछ नई, कुछ पुरानी // आएँ पढ़ें मेरी जीवन गाथा / जिसमें मैं और मेरा प्यार / आत्म-शांति अनुभूति की बातें / बेताब पाने को आपका दुलार...//
The road to my destination was clear
The Sun was going down
And there I lay on the path
Tired but smiling
I had started on a journey
Which I believe will give
Unlimited fun
And the much needed happiness
For years to come, and this
My first stopover I looked over
Just a few more steps ahead.
- © Hemant Kumar Dubey 'Avyakt'
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माँ से सीखी हमने हिन्दी जो अपनी पहली बोली
बात करते इसमें ही जुटती जब मित्रों की टोली
हंसी ठहाका करते हिंदी में और करते ठिठोली
अब अंग्रेजी क्यों अपनाते बोलो मेरे हमजोली
हिंदी का योगदान आजादी में क्या तुम्हें है पता
सेनानियों की भाषा हिन्दी थी क्या तुम्हें है पता
हिंदी ने जोड़ा देश को तभी भारत ये कहलाता
जानो हिन्दी में लिखने पढ़ने से सम्मान नहीं घटता।
© हेमंत कुमार दुबे