> काव्य-धारा (Poetry Stream): जीवन, प्यार और आत्मा-झलक : क्रिकेट युद्ध और हम

बुधवार, 6 अप्रैल 2011

क्रिकेट युद्ध और हम

वर्ल्ड कप वो खेल रहे थे
टेंशन था
वहां भी
यहाँ भी
देश कि प्रतिस्था का
सवाल था
सिर्फ इतना सा -
करोड़ बड़ा या लाख |

हमारे करोड़ों में से
क्या उन लाखों में से
चुने हुओं से जीतेंगे |

डर था,
शायद इसलिए
हम भी रन बना रहे थे -
होठों में,
बुदबुदा रहे थे नाम,
जीत के लिए
सारथी
कृष्ण का  |

3 टिप्‍पणियां:

  1. प्रिय राजेंद्र जी


    सप्रेम हरि स्मरण !


    नवसंवत्सर व नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं !

    जीत आपको भी मुबारक | यह जीत सिर्फ भारतीय खिलाडियों की ही नहीं, हमारी आस्था की, ईश्वर पर विश्वास की हुई, जो क्रिकेट के खेल से ज्यादे महत्व रखती है |


    हरि ॐ


    हेमंत

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  2. खूबसूरत प्रस्तुति ! बधाई

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