> काव्य-धारा (Poetry Stream): जीवन, प्यार और आत्मा-झलक : 2019

शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2019

प्रार्थना

तुम दया दिखा कर
प्रेम जता कर हारे
क्रूर हैं वे क्रूर रहेंगे
उन्होंने 42 पुत्र मारे

नहीं चाहिए मुरली धुन
हे कृष्ण करो शंखनाद
चक्र चलायो हे मधुसूदन
हरो भारत माता का विषाद

न एक भी आतंकी बचे
ऐसा कुछ उद्यम करो हरि
शांति बने विश्व में मोहन
धरो रूप आज फिर नरहरि

प्रार्थना अव्यक्त जन जन की
सुन लो हे अरिसूदन
भक्त वत्सल कहलाते हो
सारंग उठाओ हे कृष्ण।

@ अव्यक्त
16.02.2019